झारखंडके ठगने अहमदाबाद के कई लोगों से ट्राफिक जूर्माने के नाम पर लाखों रुपये वसुले

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अहमदाबाद क्राईम ब्राँचने ट्राफिक पुलीस की फेक वेबसाइट बना कर ओनलाईन फ्रोड करनेवाले सुधांशु को रांची से पकडा

अहमदाबाद, गुजरात : स्मार्ट सीटी प्रोजेक्ट के तहत अहमदाबाद शहर में सीसीटीवी केमरा लगाये गये है। शहर के जो वाहनचालक ट्राफिक रूल तोडते है उन्हें सीसीटीवी की मदद से फोटो केप्चर कर NIC (National Informatics Centre) को भेजे जाते है। NIC उन फोटो को महत्वपूर्ण डीटेल्स के साथ One Nation One Challan एप की मदद से ट्राफिक रूल तोडनेवाले नागरिकों के रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर https://echallan.Parivhan.gov.in के लींक का ई-चालान टेक्स मेसेज के रूप में भेजता है। इस लींक की मदद से वाहनचालक अपने नम्बर पर ओटीपी वेरीफाई करने के बाद पेन्लटी भर सकते है।

पीछले कुछ वक्त से अहमदाबाद ट्राफिक पुलीस के नाम पर ओनलाईन ठगी के कई किस्से सामने आये जिसमें तफ्तीश के बाद पुलीस को पता चला कि कुछ चीटर ट्राफिक रुल तोडनेवाले लोगों का डाटा हांसिल कर मोबाईल नम्बर 9742153890 से अहमदाबाद पुलीस के ट्राफिक डिपार्टमेन्ट के नाम पर कोल करते जिस पर अहमदाबाद ट्राफिक पुलीस का फेक लोगो भी बना होता था ओर इक अैसी वेबसाइट के नाम की लींक भेजते थे जो सरकार की आधिकारीक वेबसाइट से हुबहु मीलती है। लोगों को यह लींक भेज कर फौरन चालान के पैसे भरने को कहा जाता था ओर उन्हें डराया जाता था कि “जुर्माना नहीं भरोगे तो पुलीस तुम्हें पकडने घर आयेगी ओर कोर्ट में यह दंड अतिरिक्त पेनल्टी के साथ तुमसे वसुला जायेगा।” शहर के लोगों से नेटबेंकींग के जरिये इस तरह गैरकानुनी तौर पर पैसे वसुले जाने के कई मामले सामने आने के बाद सायबर क्राईम पुलीस थाने में IPC की धारा 420 एवम् IT एक्ट की धारा 66(सी), 66(डी) के तहत मामला दर्ज कीया गया था।

अहमदाबाद के पुलीस आयुक्त श्री जी.एस.मलिकसाहब ने इस प्रकार के आर्थिक अपराध को गंभीरता से ले कर इस गिरोह का पर्दाफाश करने का आदेश दीया जिसके बाद क्राईम ब्राँच के अधिक पुलीस आयुक्त श्री नीरज बडगुजर एवम् उप पुलीस आयुक्त श्री चैतन्य मांडलिक के मार्गदर्शन में इक टीम बनाई गई जिसकी अगुवाई PI श्री एन.जी.सोलंकी को सौपी गई। जिसके बाद PSI के.के.चौहान, टेकनीकल सेल के PSI ए.एच.सलीया,हेड कोन्सटेबल कौशिक, पुलीस कोन्सटेबल रमेशकुमार और टेकनीकल सेल के पुलीस कोन्सटेबल प्रदीपभाई को मोबाईल नम्बर 9742153890 की आवश्यक जानकारी के साथ झारखंड भेजा गया। पुलीस की यह टीम इस संदर्भ में पथार, मधुपुर, बागझोरा के निवासी सुधांशु मिश्रा को पूछताछ के लिये ले कर आई।

इस ठग सुधांशु ने तफ्तीश में क्राईम ब्राँच को बताया कि वे पहले स्टोक मार्केटींग का काम करता था ओर लोकडाउन के बाद कोलकाता गया था जहाँ उसकी मुलाकात राजेश से हुई। राजेश ने उसे बताया कि वो अहमदाबाद ट्राफिक पुलीस के इ-चालान की पेनल्टी का गैरकानुनी काम करता है। फिर राजेश ने सुधांशु को भी यह अवैद्य काम करने की ट्रीक बता कर 15 दिनों तक अपने साथ रखा। सुधांशु फिर झारखंड के धनबाद आया जहां से उसने अपने मित्र कोरो, देवधर निवासी सप्तमकुमार को भी इस गलत काम में शामिल कीया। राजेश से सीखे इस ट्राफिक चालान के फ्रोड से सुधांशु ओर सप्तमकुमार ने जनवरी 2023 से ले कर अगस्त 2023 तक अहमदाबाद के कई वाहनचालकों से ट्राफिक चालान के नाम पर लाखों रूपये ठग लीये। यह दोनों देवधर, झारखंड के पल्टन दास नामी व्यक्ति का युपीआई आई डी लोगों को देते थे, जैसे ही जुर्माने का पैसा पलटन दास के पास आता वो 20 प्रतिशत काट कर इन दोनों को दे देता था। सुधांशु ओर सप्तम जिन मोबाईल नम्बर से अहमदाबाद के लोगों को कोल करते थे वो सीमकार्ड थोडे-थोडे दिनों में तोड कर नये नम्बर इस्तेमाल करते थे।